Skip to main content


Rajasthan Gk Notes

 राजस्थान परिचय PDF


जिलों और संभाग से सम्बन्धित प्रश्न

राजस्थान वन्यजीव अभ्यारण्य  

राजस्थान में साहित्य, कला संस्थाएँ  

उपनाम

प्रमुख कवि और उनकी रचना 

लूणी नदी  

पोकरण पॉटरी व तबक वर्क

राजस्थानी भाषा में रचनाओं के प्रकार :

प्रकास : किसी वंश या व्यक्ति विशेष की उपलब्धियों का वर्णन।

कक्का : वे रचनाएँ जिनमे वर्णमाला के प्रत्येक वर्ण से रचना का प्रारम्भ किया जाता है।

झमाल : राजस्थानी काव्य की मात्रिक छन्द वाली रचनाऐं

दवावैत : गद्य-पद्य में लिखी गई तुकान्त रचनाएं।

परची : संत-महात्माओं के जीवन परिचय का राजस्थानी भाषा में पद्मबद रचना।

बात: ऐतिहासिक एवं पौराणिक आख्यानों का संक्षेप लेखन।

मरस्याः शोक काव्य।

रासों : वीर रस की काव्य रचनाएं।

विगत : किसी विषय का विस्तृत विवरण ।

वेलि : ऐतिहासिक छन्द ।

सबद : गेय पद।

वात : कथा या कहानी

वचनिका: गद्य-पद्य में लिखी गई तुकान्त रचनाएं।

बालावबोध : सरल और सुबोध टीका (स्पष्टीकरण) को बालावबोध कहते हैं। यह मूल रचना के स्पष्टीकरण हेतु लिखी जाती है, पाद टिप्पणी जैसा माना जा सकता है।

टब्बा : बालावबोध विस्तृत टीका है, टब्बा अति संक्षिप्त-शब्दार्थ रूप।

विलास : राजनीतिक घटनाओं के अतिरिक्त आमोद-प्रमोद विषयक काव्य ।

झूलणा : राजस्थानी काव्य का मांत्रिक छंद, जिसमें 24 अक्षर के वर्णिक छंद के अंत में यगण होता है।

बारहमासा : इनमें कवि वर्ष के प्रत्येक माह का वर्णन करते हुए नायिका के विरह का वर्णन करता है। इनका प्रारम्भआषाढ़ माह से होता है।

रूपक : किसी वंश या व्यक्ति की उपलब्धियों को बताने वाली रचनाऐं। 

साखी : साक्षी शब्द से बना है साखी। इसमें अनुभव जन्य ज्ञान का वर्णन होता है।

सिलोका : श्लोक शब्द से बना है सिलोका, इसमें उपदेशात्म्क, ऐतिहासिक व धार्मिक ज्ञान को बताया जाता है।



 जिला परिचय

 { Rajasthan का एकीकरण } 

{ आहड़ सभ्यता & संभाग  } 


भीलवाड़ा } 

जयपुर } 










महत्वपूर्ण प्रश्न

1 राजस्‍थान का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है - भरतपुर

2 महुआ के पेङ पाये जाते है - अदयपुर व चित्तौड़गढ

3 राजस्‍थान में छप्‍पनिया अकाल किस वर्ष पङा - 1956 वि स

4 राजस्‍थान में मानसून वर्षा किस दिशा मे बढती है - दक्षिण पश्चिम से उत्‍तर पूर्व

5 राजस्‍थान में गुरू शिखर चोटी की उचाई कितनी है - 1722 मीटर

6 राजस्‍थान में किस शहर को सन सिटी के नाम से जाना जाता है - जोधपुर को

7 राजस्‍थान की आकति है - विषमकोण चतुर्भुज

8 राजस्‍थान के किस जिले का क्षेत्रफल सबसे ज्‍यादा है - जैसलमेर

9 राज्‍य की कुल स्‍थलीय सीमा की लम्‍बाई है - 5920 किमी

10 राजस्‍थान का सबसे पूर्वी जिला है - धौलपुर

11 राजस्‍थान का सागवान कौनसा वक्ष कहलाता है - रोहिङा

12 राजस्‍थान के किसा क्षेत्र में सागौन के वन पाये जाते है - दक्षिणी

13 जून माह में सूर्य किस जिले में लम्‍बत चमकता है - बॉसवाङा

14 राजस्‍थान में पूर्ण मरूस्‍थल वाले जिलें हैंा - जैसलमेर, बाडमेर

15 राजस्‍‍थान के कौनसे भाग में सर्वाधिक वर्षा होती है - दक्षिणी-पूर्वी

16 राजस्‍थान में सर्वाधिक तहसीलोंकी संख्‍या किस जिले में है - जयपुर

17 राजस्‍थान में सर्वप्रथम सूर्योदय किस जिले में होता है - धौलपुर

18 उङिया पठार किस जिले में स्थित है - सिरोही

19 राजस्‍थान में किन वनोंका अभाव है - शंकुधारी वन

20 राजस्‍थान के क्षेत्रफल का कितना भू-भाग रेगिस्‍तानी है - लगभग दो-तिहाई

21 राजस्‍थान के पश्चिम भाग में पाये जाने वाला सर्वाधिक विषैला सर्प - पीवणा सर्प

22 राजस्‍थान के पूर्णतया वनस्‍पतिरहित क्षेत्र - समगॉव (जैसलमेर)

23 राजस्‍थान के किस जिले में सूर्यकिरणों का तिरछापन सर्वाधिक होता है - श्रीगंगानगर

24 राजस्‍थान का क्षेतफल इजरायल से कितना गुना है - 17 गुना बङा है

25 राजस्‍थान की 1070 किमी लम्‍बी पाकिस्‍तान से लगीसिमा रेखा का नाम - रेडक्लिफ रेखा

26 कर्क रेखा राजस्‍थान केकिस जिले से छूती हुई गुजरती है - डूंगरपुर व बॉसवाङा से होकर

27 राजस्‍थान में जनसंख्‍या की द़ष्टि से सबसे बङा जिला - जयपुर

28 थार के रेगिस्‍तान के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत राजस्‍थान में है - 58 प्रतिशत

29 राजस्‍थान के रेगिस्‍तान में रेत के विशाल लहरदार टीले को क्‍या कहते है - धोरे

30 राजस्‍थान का एकमात्र जीवाश्‍म पार्क स्थित है - आकलगॉव (जैसलमेर)


मीनाकारी
सोने की मीनाकारी  =      प्रतापगढ़
चांदी की मीनाकारी    =   नाथद्वारा
पीतल की मीनाकारी   =  जयपुर,अलवर
कांच की मीनाकारी   =    कोटा
तांबे की मीनाकारी     =   भीलवाड़ा
   मानसिंह प्रथम लाए थे।
प्रसिद्ध कलाकार कुदरतसिंह पद्म श्री











📖🪔सुविचार