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प्रत्यय

 

प्रत्यय – परिभाषा, भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरण,  

प्रत्यय (हिन्दी व्याकरण) ‘प्रत्यय’ दो शब्दों से बना है– प्रति + अय। ‘प्रति’ का अर्थ है ‘साथ में, पर बाद में; जबकि ‘अय’ का अर्थ ‘चलने वाला’ है। अत: ‘प्रत्यय’ का अर्थ हुआ, ‘शब्दों के साथ, पर बाद में चलने वाला या लगने वाला, अत: इसका प्रयोग शब्द के अन्त में किया जाता है। प्रत्यय किसी भी सार्थक मूल शब्द के पश्चात् जोड़े जाने वाले वे अविकारी शब्दांश हैं, जो शब्द के अन्त में जुड़कर उसके अर्थ में या भाव में परिवर्तन कर देते हैं अर्थात् शब्द में नवीन विशेषता उत्पन्न कर देते हैं या अर्थ बदल देते हैं।

(Pratyay) प्रत्यय की परिभाषा भेद और उदाहरण :

शब्दों के अंत में जुड़कर शब्दों के अर्थ में विशेषता लाने वाले शब्दांश, ‘प्रत्यय’ कहलाते हैं। प्रमुख प्रत्यय नीचे दिए जा रहे हैं :

संज्ञा बनाने वाले प्रमुख प्रत्यय

आई चढ़ाई, पढ़ाई, लिखाई, धुलाई, पिटाई, सिलाई।
आहट मुस्कराहट, घबराहट, चिल्लाहट, कड़वाहट।
आवट मिलावट, लिखावट, दिखावट, सजावट।
आन उड़ान, मिलान, लगान, उफान, उठान।
आव छिपाव, बहाव, खिंचाव, लगाव।
ई मजदूरी, तैराकी, नथनी, कथनी, तेज़ी, झिड़की।
अक चालक, पालक, पावक, गायक, नायक।
ती गिनती, बढ़ती, धरती, भरती, फबती।
ना पढ़ना, लिखना, देखना, खेलना, सोना।
नी कतरनी, धौंकनी, छननी, ओढ़नी।
ता शिशुता, मनुष्यता, दानवता, मानवता, दासता।
त्व पुरुषत्व, बंधुत्व, स्त्रीत्व, नारीत्व, व्यक्तित्व।

विशेषण बनाने वाले प्रमुख प्रत्यय

आ भूला, भटका, भूखा, मैला, प्यारा, दुलारा।
आऊ कमाऊ, टिकाऊ, बिकाऊ, खाऊ।
आवना लुभावना, डरावना, सुहावना।
इक धार्मिक, नागरिक, सामाजिक, नैतिक, पौराणिक।
इत आनंदित, समाहित, हृषत।
इया घटिया, बढ़िया, जड़िया।
ई असली, नकली, सरकारी, क्रोधी, शहरी।
ईय भारतीय, प्रांतीय, जातीय, राष्ट्रीय, दर्शनीय।
ईला रसीला, चमकीला, रोबीला, सजीला, जहरीला।
ऊ बाज़ारू, चालू, झाड़।
मान अभिमान, बुद्धिमान, गतिमान।
वाला खानेवाला, पीनेवाला, पढ़नेवाला, फलवाला।
वान धनवान, भाग्यवान, मूल्यवान।
ला अगला, निचला, पहला, धुंधला।

क्रिया बनाने वाले प्रत्यय

ता डूबता, चढ़ता, आता, जाता, रोता।
आ जागा, बैठा, लेटा, उठा।
कर सोकर, उठकर, बैठकर, लेटकर, लिखकर, खाकर।
ना दौड़ना, खेलना, सोना, जागना, रोना, खाना।

भाववाचक संज्ञा बनाने वाले प्रत्यय

पा मोटापा, आपा, बुढ़ापा।
आई मोटाई, गोलाई, ऊँचाई।
ता सुंदरता, कुरूपता, दुष्टता, मनुष्यता।
त्व बंधुत्व, स्त्रीत्व, व्यक्तित्व, अस्तित्व।
औती मनौती, चुनौती।

कर्तृवाचक प्रत्यय

आर कुम्हार, लुहार, सुनार।
इया रसोइया, सुखिया, दुखिया।
अक पाठक, सुधारक, लेखक।
कार कलाकार, पत्रकार, कहानीकार, नाटककार, साहित्यकार।
एार चितेरा, लुटेरा, सपेरा, ठठेरा।
गर सौदागर, जादूगर, बाजीगर, कारीगर।
दार दुकानदार, कर्जदार, ईमानदार।
वाला लिखनेवाला, पढ़नेवाला, गाड़ीवाला, घरवाला।

कर्मवाचक प्रत्यय

वाँ पाँचवाँ, सातवाँ, आठवाँ।
सरा दूसरा, तीसरा।
हरा इकहरा, दुहरा, तिहरा।

स्त्रीलिंगवाचक प्रत्यय

आप्रिया, बाला, शिष्या, सुता।
देवीशेरनी, लड़की, बेटी, चाची, मामी।
इन – धोबिनसुनारिन, मालिन।
आनी – देवरानीजेठानी।

क्रियाविशेषण बनाने वाले प्रत्यय

पूर्वक सफलतापूर्वक, शांतिपूर्वक, धैर्यपूर्वक, प्रेमपूर्वक।
तः साधारणतः, विशेषतः, सामान्यतः, फलतः।
शः पंक्तिशः अक्षरशः, वाक्यशः।

उपसर्ग और प्रत्यय का एक साथ प्रयोग
कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनमें उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का प्रयोग होता है; जैसे :

शब्द– उपसर्ग+ मूल शब्द+ प्रत्यय
अमानवीयता– अ+ मानवीय+ ता
बेकारी– बे+ कार+ ई
ईमानदारी– ई+ मान+ दारी
निर्दयता– निर्+ दय+ ता
अनुदारता– अन+ उदार+ ता
बदचलनी– बद+ चलन+ ई
परिपूर्णता– परि+ पूर्ण+ ता
अपमानित– अप+ मान+ ईक
स्वाभाविक– स्व+ भाव+ ईक
अभिमानी– अभि+ मान+ ई
निलंबित– नि+ लंब+ ईत
बेवफाई– बे+ वफा+ ई
बेहोशी– बे+ होश+ ई
स्वदेशी– स्व+ देश+ ई
अनजानी– अन+ जान+ ई
हमदर्दी– हम+ दर्द+ ई

पाठ्यपुस्तक ‘स्पर्श’ में प्रयुक्त प्रत्यय युक्त शब्द
1. धूल

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अमरता– अमर+ ता
कीमती– कीमत+ ई
चाँदनी– चाँद+ नी
जवानी– जवान+ ई
नकली– नकल+ ई
प्रचलित– प्रचलन+ इत
पार्थिवता– पार्थिव+ ता
प्रेमी– प्रेम+ ई
बचपन– बच्चा+ पन
बड़प्पन– बड़ा+ पन
भिन्नता– भिन्न+ ता
वंचित– वंच+ ईत
वास्तविक– वास्तव+ इक
व्यंजित– व्यंजन+ ईत
सभ्यता– सभ्य+ ता

2. दुख का अधिकार

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
तरावट– तर+ आवट
दुखी– दुख+ ई
द्रवित– द्रव+ इत
निचली– नीचे+ ली
बुढ़िया– बूढ़ा+ इया

3. एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अग्रिम– अग्र+ इम
आकर्षित– आकर्षण+ इत
आरोही– आरोह+ ई
आनंदित– आनंद+ इत
ऊँचाई– ऊँचा+ ई
ऊपरी– ऊपर+ ई
कठिनतम– कठिन+ तम
कठिनाई– कठिन+ आई
कर्मठता– कर्मठ+ ता
खोदाई– खोद+ आई
गहरी– गहरा+ ई
चिंतित– चिंता+ इत
जोरदार– जोर+ दार
ढलान– ढल+ आन
दक्षिणी– दक्षिण+ ई
नगरीय– नगर+ ईय
रंगीन– रंग+ ईय
पर्वतीय– पर्वत+ ईन
पूर्वी– पूर्व+ ई
फुसफुसाया– फुसफुस+ आय
भारतीय– भारत+ ईय
हवाई– हवा+ ई
शारीरिक– शरीर+ इक
चढ़ाई– चढ़+ आई
चिहनित– चिह्न+इत
ढलाऊ– ढल+ आऊ
तैयारी– तैयार+ इत
दृश्यता– दृश्य+ ई
निश्चित– निश्चय+ इत
पहाड़ी– पहाड़+ ई
प्रोत्साहित– प्रोत्साहन+ इत
महत्त्वपूर्ण– महत्त्व+ पूर्ण
सख्ती– सख्त+ ई
साहसिक– साहस+ इक
हिचकिचाहट– हिचकिचा+ आहट

4. तुम कब जाओगे, अतिथि

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अंकित– अंक+ इत
आखिरी– आखिर+ ई।
औपचारिक– उपचार+इक
देवता– देव+ ता
धुलकर– धुल+ कर
निजी– निज+ ई
परिचित– परिचय+ इत
प्रेमिका– प्रेम+ इका
फ़िल्मी– फ़िल्म+ ई
मार्मिक– मार्म+ इक
रंगीन– रंग+ ईन
रूपांतरित– रूपांतर+ इत
व्यक्तित्व– व्यक्ति+ त्व
सहनशीलता– सहनशील+ ता
शानदार– शान+ दार
अकेलापन– अकेला+ पन
आर्थिक– अर्थ+ इक
गोलाकार– गोला+ कार
देवत्व– देव+ त्व
नम्रता– नम्र+ ता
नौकरी– नौकर+ ई
पत्रिका– पत्र+ इक
फड़फड़ाती– फड़फड़+ आती
महँगाई– महँगा+ आई
मुस्कराहट– मुस्करा+ हट
रिश्तेदारी– रिश्ते+ दारी
विदाई– विदा+ ई
सम्मानपूर्ण– सम्मान+ पूर्ण
स्थापित– स्थापना+ इत

5. वैज्ञानिक चेतना के वाहक चंद्रशेखर वेंकट रामन्

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
आंतरिक– अंतर+ इक
आणविक– अणु+ इक
आयोजित– आयोजन+ इत
आह्लादित– आह्लाद+ इत
घटिया– घट+ इया
तैनाती– तैनात+ ई
दिली– दिल+ ई
आकर्षित– आकर्षण+ इत
आयोजक– आयोजन+ क
आलोकित– आलोक+ इत
उपयोगी– उपयोग+ ई
चलाऊ– चल+ आऊ
दिलचस्पी– दिलचस्प+ ई
नागरिकता– नगर+ इकता
नीली– नील+ ई
परिवर्तित– परिवर्तन+ इत
प्रतिभावान– प्रतिभा+ वान
प्रभावित– प्रभाव+ इत
प्रायोगिक– प्रयोग+ इक
बचपन– बच्चा+ पन
भावुक– भौ+ अक
भेदन– भेद+ न
वर्णीय– वर्ण+ ईय
वैज्ञानिक– विज्ञान+ इक
समर्पित– समर्पण+ इत
सम्मानित– सम्मान+ इत
सृजित– सृजन+ इत
स्वाभाविक– स्वभाव+ इक
शुरुआती– शुरुआत+ ई
परमाणविक– परमाणु+ इक
प्रकाशित– प्रकाशन+ इत
प्रतिष्ठित– प्रतिष्ठा+ इत
प्रमाणित– प्रमाण+ इत
प्रेमी– प्रेम+ ई
बदलाव– बदल+ आव
भौतिकी– भौतिक+ ई
रवेदार– रवे+ दार
वाहक– वहन+ अक
सदस्यता– सदस्य+ ई
समुद्री– समुद्र+ ई
सरकारी– सरकार+ ई
स्थापना– स्थापन+ आ
शाकाहारी– शाका+ आहार
शिक्षक– शिक्ष+ क

6. कीचड़ का काव्य

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अंकित– अंक+ इत
तटस्थता– तटस्थ+ ता
मलिन– मल+ इन
वर्णन– वर्ण+ न
कीमती– कीमत+ ई
प्रसन्नता– प्रसन्न+ ता
रंगी– रंग+ ई

7. धर्म की आड़

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
ईश्वरत्व– ईश्वर+ त्व
चालाक– चाल+ आक
धार्मिक– धर्म+ इक
बढ़ाई– बढ़+ आई
भावना– भाव+ ना
मज़हबी– मज़हब+ ई
शक्तिशाली– शक्ति+ शाली
कमाई– कमा+ ई
दीनदार– दीन+ दार
पागलपन– पागल+ पन
बड़प्पन– बड़ा+ पन
मनुष्यत्व– मनुष्य+ त्व
रुकावट– रुक+ आवट

8. शुक्रतारे के समान

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अंग्रेज़ी– अंग्रेज़+ ई
उत्तराधिकारी– उत्तराधिकार+ ई
ग्रंथकार– ग्रंथ+ कार
जिगरी– जिगर+ ई
नाटिका– नाटक+ इका
प्रशंसक– प्रशंसा+ क
मासिक– मास+ इक
अधिकतर– अधिक+ तर
ईश्वरीय– ईश्वर+ ईय
चौथाई– चौथा+ आई
दैनिक– दिन+ इक
पीड़ित– पीड़ा+ इत
बैठक– बैठ+ क
मिलान– मिल+ आन
राजनीतिक– राजनीति+इक
लिखावट– लिख+अवट
लेखन– लेख+ न
संबंधित– संबंध+ इत
साहित्यिक– साहित्य+ इक
स्वतंत्रता– स्वतंत्र+ ता
राष्ट्रीय– राष्ट्र+ ईय
लेखक– लेख+ क
संपादक– संपादन+ क
साप्ताहिक– सप्ताह+ इक
स्वर्गीय– स्वर्ग+ इय
श्रीमती– श्री+ मती

पूरक पुस्तक ‘संचयन’ में प्रयुक्त प्रत्यय युक्त शब्द
1. गिल्लू

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अपनापन– अपना+ पन
आवश्यक– अवश्य+ अक
आकर्षित– आकर्षण+ इत
उछलता– उछल+ ता
कठिनाई– कठिन+ आई
गरमी– गरम+ ई
उष्णता– उष्ण+ ता
कूदता– कूद+ ता
चमकीली– चमक+ ईली
दूरस्थ– दूर+ स्थ
बचपन– बच्चा+ पन
लगाव– लग+ आव
वासंती– वसंत+ ई
सफ़ाई– साफ+ आई
स्वर्णिम– स्वर्ण+ इम
ठंडक– ठंड+ क
फूलदान– फूल+ दान
बैठना– बैठ+ ना
लौटकर– लौट+ कर
विस्मित– विस्मय+ इत
समझदारी– समझ+ दारी
हरीतिमा– हरा + इत+इमा

2. स्मृति

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अगला– अगो+ ला
एकाग्रचित्तता– एकाग्रचित्त+ ता
क्रोधित– क्रोध+ इत
घटना– घट+ ना
चिट्ठियाँ– चिट्ठि+ ईया
तोड़कर– तोड़+ कर
धुनाई– धुन+ अई
पतीली– पतील+ ई
बढ़ाया– बढ़+ आया
बुद्धिमत्ता– बुद्धिमत+ ता
बोली– बोल+ ई
मज़बूती– मज़बूत+ ई
मोहनी– मोह+ नी
उठाई– उठा+ ई
क्रोधपूर्ण– क्रोध+ पूर्ण
गहराई– गहरा+ ई
घबराहट– घबरा+ हट
ज़िम्मेदारी– ज़िम्मे+ दारी
थकावट– थक+ आवट
धोतियाँ– धोति+ ईयाँ
बंधुत्व– बंधु+ त्व
बुढ़ापा– बुढ़+ आपा
बेड़ियाँ– बेड़ि+ ईयाँ
भयंकरता– भयंकर+ ता
मूर्खता– मूर्ख+ ता
योग्यता– योग्य+ ता
रोज़ाना– रोज़+ आना
शिकारी– शिकार+ ई

3. कल्लू कुम्हार की उनाकोटी

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अंतिम– अंत+ इम
अलसाई– अलसा+ आई
उत्सुकता– उत्सुक+ ता
कबीलाई– कबीला+ ई
चिहनित– चिहन+ ईत
जवानी– जवान+ ई
जुड़ाव– आव+ जुड़
दिखावेबाज– दिखावा+ बाज
निचली– नीचे+ ली
प्रतीकित– प्रतीक+ ईत
बुआई– बो+ आई
भयावना– भय+ आवना
मौलिक– मूल+ इक
लगाव– लग+ आव
समूची– समूचा+ ई
स्थानीय– स्थान+ ईय
शक्तिशाली– शक्ति+ शाली
स्वच्छता– स्वच्छ+ ता
अगरबत्तियाँ– अगरबत्ति+ ईयाँ
आवश्यकता– आवश्यक+ ता
ऊर्जादायी– ऊर्जा+ दायी
घरेलू– घर+ एलू
चित्रित– चित्र+ ईत
जानकारी– जान+ कारी
ज्यादातर– ज्यादा+ तर
नाटकीय– नाटक+ ईय
पारंपरिक– पारंपर+ ईक
बाहरी– बाहर+ ई
बुनियादी– बुनियाद+ ई
मेहरबानी– मेहरबान+ ई
लंबाई– लंबा+ ई
विशेषज्ञता– विशेषज्ञ+ ता
सामाजिक– सामाज+ ईक
शब्दशः– शब्द+ शः
शांतिपूर्ण– शांति+ पूर्ण

4. मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
अंग्रेजी– अंग्रेज़+ ई
आर्थिक– अर्थ+ इक
कहानियाँ– कहानी+ इयाँ
खरीदारी– खरीद+ दारी
चिंताक– चिंता+ क
चलना– चल+ ना
नाविक– नौ+ इक
नौकरी– नौकर+ ई
पढ़ाई– पढ़+ आई
पुस्तक– पुस्तकौ+ एँ
अनूदित– अनुवाद+ इत
कमाया– कमा+ आया
किताबें– किताब+ एँ
घोषित– घोष+ इत
चिंतित– चिंता+ इत
झालरदार– झालर+ दार
नियमित– नियम+ इत
पढ़ना– पढ़+ ना
पत्रिकाएँ– पत्रिका+ एँ
बचपन– बच्चा+ पन
बोलना– बोल+ ना
लिखाया– लिखा+ या
व्यक्तित्व– व्यक्ति+ त्व
साप्ताहिक– साप्ताह+ इक
सुधारवादी– सुधार+ वादी
रोमांचक– रोमांच+ क
लेखक– लेख+ क
सरकारी– सरकार+ ई
साहित्यिक– साहित्यि+ इक
स्थापित– स्थापना+ इत

5. हामिद खाँ

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
ईमानदारी– ईमान+ दारी
गुड़गुड़ाहट– गुड़गुड़+ आहट
चपातियाँ– चपाती+ इयाँ
दढ़ियल– दाढ़ी+ इयल
ध्यानपूर्वक– ध्यान+ पूर्वक
पौराणिक– पुराण+ इक
मुस्कराहट– मुस्करा+ आहट
सच्चाई– सच्चा+ आइ
कड़कड़ाती– कड़कड़+ आती
गोलाकार– गोला+ कार
दक्षिणी– दक्षिण+ ई
दुकानदार– दुकान+ दार
नियमित– नियम+ इत
बढ़िया– बढ़+ इया
रक्षक– रक्षा+ क
सांप्रदायिक– संप्रदाय+ इक

6. दीये जल उठे

शब्द– मूल शब्द+ प्रत्यय
कठिनतम– कठिन+ तम
चौकीदार– चौकी+ दार
पारित– पार+ इत
मालवीय– मालव+ ईय
रियासतदार– रियासत+ दार
सत्याग्रही– सत्याग्रह+ ई
स्वाभाविक– स्वभाव+ इक
गिरफ़्तारी– गिरफ्तार+ ई
दलदली– दलदल+ ई।
मडलिया– मडल+ इया
राक्षसी– राक्षस+ ई
रेतीली– रेत+ ईली
स्थगित– स्थगन+ इत

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